बिरंगे (Birangay) फिल्म ‘आज़ाद’ (Azaad, 2025) का पहला और बेहद ऊर्जावान (energetic) गाना है, जो बॉलीवुड को एक नया और तरोताज़ा होली गीत देता है। संगीत के जादूगर अमित त्रिवेदी द्वारा कंपोज किया गया यह ट्रैक, युवा कलाकारों राशा थडानी और अमान देवगन पर फिल्माया गया है। अमिताभ भट्टाचार्य के बोलों में मस्ती, छेड़छाड़ और आज़ादी का अहसास है, जो इसे सिर्फ एक होली गीत नहीं, बल्कि एक सेलिब्रेशन एंथम बनाता है। मीनल जैन और अमित त्रिवेदी की आवाज़ें एक दूसरे के साथ पूरी तरह तालमेल बिठाती हैं, जिससे गाना शुरू से अंत तक आपको थिरकने पर मजबूर कर देता है। यह गाना नए दौर के श्रोताओं के लिए बनाया गया है, जो पारंपरिक धुनों में आधुनिक बीट्स की तलाश में हैं।
Review
“बिरंगे” एक ऐसा गाना है जो सुनते ही आपके चेहरे पर मुस्कान ले आता है और कदम अपने आप थिरकने लगते हैं। अमित त्रिवेदी ने एक बार फिर साबित किया है कि वे प्रयोगात्मक (experimental) संगीत के बादशाह हैं। गाने की बीट्स में एक देहाती (rustic) और साथ ही आधुनिक (modern) एहसास है, जो इसे एक यूनीक साउंड देता है। अमिताभ भट्टाचार्य के बोल कैज़ुअल और खुशनुमा हैं, खासकर मुखड़े की लाइनें – “रंगीली शवा के रंगीले पतंगे” – बहुत आकर्षक हैं। मीनल जैन और अमित त्रिवेदी की गायकी गाने की उत्साह (verve) को बनाए रखती है। नए चेहरों पर फिल्माया गया यह गाना, अपनी ताज़ा कोरियोग्राफी (बोस्को-लेस्ली) और सेट डिजाइन के कारण Visual Treat भी है। कुल मिलाकर, “बिरंगे” इस साल का एक मस्ट-प्ले (must-play) पार्टी ट्रैक है।
Details
- Singer: अमित त्रिवेदी (Amit Trivedi) और मीनल जैन (Meenal Jain)
- Lyrics: अमिताभ भट्टाचार्य (Amitabh Bhattacharya)
- Music Director: अमित त्रिवेदी (Amit Trivedi)
- Movie Name: आज़द (Azaad) (2025)
- Lead Actors: राशा थडानी (Rasha Thadani), अमान देवगन (Aaman Devgan), अजय देवगन (Ajay Devgn), डायना पेंटी (Diana Penty)
- Music Company: ज़ी म्यूजिक कंपनी (Zee Music Company)
Lyrics
अरे रे रे करमजले
बड़े हम करमजले
हां ज़रा बगल हमे जगा दे
चल हट!
गीला-गीला, हरा-हरा नीला-पीला
मिले रंग जो भी जिसे हम लगा दे
हे गोरी-काली, घरवाली हो या साली
कितने भी डाले वाले अड़ंगे
छूटे नहीं, जितना भी रूठे सही
रंगे बिना छोड़ेंगे ना तुझे लफ़ंगे
बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे
रंगीली शमा के रंगीले पतंगे बिरंगे
बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे
सलीके ना जाने गली के बेढंगे बिरंगे
हो एरा-गैरा जात से आया हे देहात से
रईसों के कायदे तू क्या जाने रे
चमेली के तेल की महक वाले हाथ से
जहाँ देखी चुनरी खींचे ताने रे
असर नहीं करे तेरे ताने-बाने रे
मोटी खालों वाले तेरे हैं दीवाने रे
पेंचें लड़ाते हैं कैसे महल वाली से
हम खूब जाने रे
हाँ-आ… आए गए तेरे जैसे आए गए
कितने ही औंगे पौंगे भुजंगे
छूटे नहीं, जितना भी रूठे सही
रंगे बिना छोड़ेंगे ना तुझे लफ़ंगे
बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे
रंगीली शमा के रंगीले पतंगे बिरंगे
बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे बिरंगे
सलीके ना जाने गली के बेढंगे बिरंगे